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Tuesday, November 23, 2010

नन्हा कलाकार


मित्रों, यहाँ मुझे अपने पुत्र प्रेरक को प्रस्तुत करते हुए बड़ी ख़ुशी हो रही है. बाल सुलभ मन वैसे तो नित नयी चीज सीखने की प्रक्रिया में व्यस्त रहता है, लेकिन अगर उसकी प्रतिभा को पहचान कर उसे सही दिशा दे दी जाये तो वह भविष्य में नए आयाम स्थापित कर सकता है. इसी प्रक्रिया से गुजर रहे प्रेरक की बनाई एक कलाकृति प्रस्तुत कर रहा हूँ. आशा है आपको पसंद आएगी. वह अपने नाम की सार्थकता को भविष्य में सिद्ध कर जीवन की ऊँचाइयों को छुए इसके लिए आप सभी उसके उज्जवल भविष्य की कामना करें, यह मेरी "गुजारिश" है.